बातें!!

फिर से वही आसमानों की बातें,

बादलों की उंची उडानों की बातें,

जाग जागकर संजोई गयी बेतुकी बातें 

बहुत कुछ कहने के लिए बेताब मुलाकातें,

हाथ आये या नहीं आये वह मगरूर सा चांद,

कसमसाती मुटठियों में छिपी बेपनाह हसरतें,

ये सिलसिले कब और कहां रूकते हैं कम्बख्त

करते हैं शुरू बात में से बात बनकर निकलती बातें।-“Pkvishvamitra”

Sorry Friends!!

The ten thousand followers on Twitter were stopping on the stance, the goal was complete, now I will spend my time with my friends in WordPress,Sorry Friends!!
टवीटर पर दस हजार फॉलोवर की जिद टवीटर पर रोके हुए थी,लक्ष्य पूर्ण हुआ है,अब अपने वर्डप्रेस के मित्रों के साथ पूरा समय बिताऊंगा,सौरी।

Return with change!!

Return with change, sorry for being separated from this platform for so long and there is also a humble apology, apologizing while receiving asylum seekers-Pkvishvamitra
बदलाव के साथ वापसी,इतने समय तक इस मंच से पृथक रहने का खेद है तथा विनम्र क्षमायाचना भी है,सहृदयताओं का आश्रय प्राप्त करते हुए क्षमा कर दीजिये।-PKvishvamitra.